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वैदिक राष्ट्रगीतम् | Vedic national anthem sanskrit and hindi

वैदिक राष्ट्रगीतम् वैदिक राष्ट्रगान हमारे देश जैसा किसी देश का नहीं है इसमें देश धर्म और समाज के हर महत्वपूर्ण पक्ष पर दृढ़ता से जोर दिया गया है ! वैदिक राष्ट्रगान ही सही मायने में हम सबको एक सकता है ! ये वही राष्ट्रगान है जिसे श…

 कुतूहलम्: श्री कृष्ण युधिष्ठिर के भी सारथी बन सकते थे। उन्होंने अर्जुन को ही क्यों चुना?

कुतूहलम्:श्री कृष्ण युधिष्ठिर के भी सारथी बन सकते थे। उन्होंने अर्जुन को ही क्यों चुना? श्री कृष्ण युधिष्ठिर के भी सारथी बन सकते थे। उन्होंने अर्जुन को ही क्यों चुना ? महाभारत के उद्योगपर्व में पितामह भीष्म कहते हैं - श्रीकृष्ण न…

Think well । अच्छा सोचें ।

Think well । अच्छा सोचें ।     जंगल में एक गर्भवती हिरनी बच्चे को जन्म देने को थी। वो एकांत जगह की तलाश में घुम रही थी, कि उसे नदी किनारे ऊँची और घनी घास दिखी। उसे वो उपयुक्त स्थान लगा शिशु को जन्म देने के लिये। . वहां पहुँचते  ह…

स्वाध्याय परिवार हिंदी भावगीत । रोहावाले दादा।

।। रोहावाले दादा ।।   रोहावाले दादा का पैगाम है, बनाया भहु उसकी संतान है… रे…                     रोहा. . .   घर घर जावे ये समजावे सोया कौन जगावे, खाना कौन पचावे भैया गहरी नींद सुलावे, लाल रंग लहु का चमकाते भगवान… रे…            …

स्वाध्याय परिवार हिंदी भावगीत । पांडुरंग है आएं।

।। पांडुरंग है आएं ।।          मन मधुकर क्युं गीत गाएं?         पांडुरंग है आएं। सरल कथन है, गहन मनन है, भाव नयन है, मधुर कवन है,                      वनमाली वनसे आएं।                                                              …

।। गीत गुंजन तारु अनोखु ।।

।। गीत गुंजन तारु अनोखु ।। दादा आपे अमारा शुष्क जीवनमां भावना वारी वहाव्या अने हृदयमां भावतणा झरणा गीतरुपे अहीं वहया, त्रिकाल संध्या नां मंत्रो भावगीत रुपे गणगणता कर्या ,  बाल गुंजननां नाना बालुडाने बा सं के नी समजण आपी संस्कार र…

स्वाध्यायरूप भगवदकार्य के पंचप्राण

स्वाध्यायरूप भगवदकार्य के पंचप्राण     स्वाध्यायरूप भगवदकार्य के पंचप्राण 1)उत्कट ईश्वरी श्रद्धा 2)चातुर्वर्ण्यव्यवस्था का उत्कट उलगड़ा (सही राज) 3)सुंदर अर्थव्यवस्था 4)उचनीचता का अभाव 5) भक्तिकी सुमधुर दृष्टि सबसे महत्वपूर्ण बात…

परम पूज्य पांडुरंग शास्त्री आठवले का जीवन परिचय

परम पूज्य पांडुरंग शास्त्री आठवले का जीवन परिचय   परम पूज्य पांडुरंग शास्त्री आठवले का जीवन परिचय   पांडुरंग शास्त्री का जन्म 19 oct 1920 में चितपावन ब्राह्मण फॅमिली में महाराष्ट्र के रोहा गाव में हुवा था. पांडुरंग शास्त्री के पि…

स्वाध्याय परिवार हिंदी भावगीत । मुक्ति मले के ना मले,  मारे भक्ति तमारी करवी छे |

। मुक्ति मले के ना मले,मारे भक्ति तमारी करवी छे|       मुक्ति मले के ना मले,  मारे भक्ति तमारी करवी छे.... मुक्ति मले के ना मले , मारे भक्ति तमारी करवी छे, मेवा मले के ना मले, मारे सेवा तमारी करवी छे....(१) मुक्ति मले के ना मले…